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साइनस कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है
जीवाणà¥, विषाणॠऔर फंगल संकà¥à¤°à¤®à¤£ के रूप में होने वाली साइनस को गंà¤à¥€à¤° बीमारियों की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में तो नहीं रखा जाता है लेकिन इसे हलà¥à¤•े में लेना आपको नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है. साइनस हमारे नाक के आसपास, गाल व माथे की हडà¥à¤¡à¥€ के पीछे तथा आà¤à¤–ों के बीच के à¤à¤¾à¤— में पैदा होती है. ये हवा से à¤à¤°à¥€ छोटी-छोटी खोखली गà¥à¤¹à¤¾ रूपी संरचनाà¤à¤‚ होती हैं. साइनसाइटिस से साइनस में किसी संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण सूजन आ जाती है. साइनस के मरीज अपने सिर दरà¥à¤¦ या अपने चेहरे में दरà¥à¤¦ और नाक बंद होने के अनà¥à¤à¤µ से इसका अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगाते हैं. कई बार à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ होता है कि नाक से हर पदारà¥à¤¥ बहने लगता है. दरà¥à¤¦ इस बात पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है कि पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ किस पà¥à¤°à¤•ार के साइनसाइटिस से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ है. यह बीमारी तीन से आठसपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के मधà¥à¤¯ रहने पर तीवà¥à¤° व आठसपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से अधिक रहने पर कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• साइनसाइटिस कहलाती है. आइठसाइनस के उपचार के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानें.
साइनोसाइटिस टिशà¥à¤¯à¥‚ पर जलन या सूजन है जो साइनस को कवर करती है. सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ साइनस हवा से à¤à¤°à¥‡ होते हैं. लेकिन कई बार वे अवरà¥à¤¦à¥à¤§ हो जाते हैं और तरल पदारà¥à¤¥ से à¤à¤°à¥‡ होते हैं. à¤à¤¸à¥‡ मामलों में, रोगाणॠसंकà¥à¤°à¤®à¤£ विकसित कर सकते हैं और संकà¥à¤°à¤®à¤£ कर सकते हैं. इस संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण, आपकी नाक साइनस के साथ अवरà¥à¤¦à¥à¤§ हो जाती है और आपके लिठसांस लेने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकती है.
साइनस होने का कारण
साइनस से पीड़ित होने के लिठकारण होते है. मगर, इन सà¤à¥€ कारणों में से à¤à¤• साइनस या नाक में तरल पदारà¥à¤¥ जमा हो जाता है, जो रोगाणॠपैदा हो जाते हैं. आइये इस लेख पर चरà¥à¤šà¤¾ करते है साइनस के कà¥à¤¯à¤¾ कारण हैं:
1. वायरस - जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° साइनस संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार के वायरस वायरस के कारण होता है.
2. बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण - केमिकल और पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण की वजह से बलगम का जमाव बढ़ता है.
3. कवक (फंगस) - हवा में मौजूद कवक के कारण साइनस में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है या फिर फंगस साइनस में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर साइनस का कारण बनती है.
4. कà¥à¤› अनà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ - सिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸, गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤¸à¥‹à¤«à¥‡à¤—ल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ डिजीज (गरà¥à¤¡, जिसका à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ निमà¥à¤¨ गंà¤à¥€à¤° रूप होता है), à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ और रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर होने की वजह से आपकी नाक बंद हो जाती है.
साइनस होने के अनà¥à¤¯ कारण-
1. जिन लोगों को शà¥à¤µà¤¸à¤¨ नली में जà¥à¤–ाम जैसी संकà¥à¤°à¤®à¤£ पहलें à¤à¥€ हो चà¥à¤•ा है वे à¤à¥€ साइनस के खतरे में आते है.
2. यदि नाक में रोगाणà¥à¤“ं पैदा हो जाते हों, जिससे नाक की नली में सूजन हो जाती है.
3. जिनकी किसी बीमारी की वजह से या किसी बीमरी की इलाज की वजह से रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर हो गयी हो.
4. यदि नाक में रोगाणà¥à¤“ं पैदा हो जाते हों, जिससे नाक की नली में सूजन हो जाती है.
5. दांत में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने से साइनस संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा बढ़ जाता है.
6. जो धूल, पराग और जानवरों के बाल आदि से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से पीड़ित हैं.
7. जिनकी नाक की अंदरूनी वनावट ठीक न हो. सेपà¥à¤Ÿà¤® à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की हडà¥à¤¡à¥€ है, जो आपके नाक में उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होती है. यह हडà¥à¤¡à¥€ नाक को दो à¤à¤¾à¤—ों में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ करती है. अगर किसी चोट की वजह से या
8. पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से सेपà¥à¤Ÿà¤® à¤à¤• तरफ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जमा हो जाती है, तो साइनसाइटिस या अनà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा बॠजाता है.
9. धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण माना जाता हैं.
10. जो असà¥à¤¥à¤®à¤¾ से पीड़ित हो, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि असà¥à¤¥à¤®à¤¾ और कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• साइनसाइटिस होने के बीच में समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ होता है.
साइनसाइटिस का इलाज आमतौर पर दवाओं से किया जाता है, लेकिन साइनसाइटिस सरà¥à¤œà¤°à¥€ की जरूरत होती है -
à¤à¤• सूजी हà¥à¤ˆ नाक के लिà¤
सूजे हà¥à¤ साइनस
अनà¥à¤¯ सामानà¥à¤¯ साइनस समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚।
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